मेरा किरदार

तुम्ही पे सौंप दिया,बनाओ या मिटाओ मेरा किरदार,
जैसा भाये...,वैसा ही, सजाओ मेरा किरदार।।

जल्दबाजी में मेरी शख्सियत का फैसला न करो,
हूं सामने जरा और आजमाओ मेरा किरदार।।

तुम्हीं में बिखरा था,तुम्हीं में सिमटा होगा,
ऐ यार,अब तुम्हीं ढूढ़ लाओ,मेरा किरदार।।

मेरे ही नाम पर मेरी ही औलादें बंट रही हैं
इतना भी खुदगर्ज न बनाओ मेरा किरदार।।

बहुत कहते हो न कि कितना आसान है मेरा किरदार,
तो आओ,लो निभाओ मेरा क़िरदार।।


तारीख: 26.01.2018                                                        रचना राय






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