दर्द ज्यादा हो तो बताया कर 

दर्द ज्यादा हो तो बताया कर 
ऐसे तो दिल में न दबाया कर 

रोग अगर बढ़ने लगे बेहिसाब 
एक मुस्कराहट से घटाया कर 

तबियत खूब बहल जाया करेगी 
खुद को धूप में ले के जाया कर 

तरावट जरूरी है साँसों को भी 
अंदर तक बारिश में भिंगोया कर 

तकलीफें सब यूँ निकल जाएँगी 
बदन को हवा में उड़ाया कर 
 


तारीख: 27.07.2019                                                        सलिल सरोज






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