सर्दियाँ और तुम

राहुल झा की कहानी सीरीज ' प्यार के इस रांदेवू (rendezvous) में ' के अंतर्गत पहली कहानी 

"अगर यादें एक छलावा भर नहीं हैं,तो वो दिन बुधवार का ही होना चाहिए। बारिश उस दिन भी हम पर वैसे ही मेहरबान थी जैसे उसके पहली वाली शाम को। रीगल सिनेमा के बाहर से मकई का लावा खरीद कर जब भीतर घुसे,तो अपनी सीट तक जाने में बहुत तकलीफ हुआ। कारण दो थे,एक तो यह कि फर्श गीला पड़ा हुआ था और दूसरा कि आधा आदमी,पूजा भट्ट को उस सफेद लिबास में,"दिल है के मानता नहीं..." गाने पर गज़ब की मासूमियत से कैमरे की तरफ देखते हुए,आँखों से प्रेम का नया आयाम लिखते देखने के लिए आया था।

और हाँ बाकी के लोग आमिर खान को। साल था 1991, हॉल के आगे की तरफ जाकर बायीं तरफ से पांचवां सीट था हमारा। बारिश के वजह से साइड वाला लाइट जलता ही रहा था पूरे सिनेमा में। इंटरवल से करीब पंद्रह मिनट पहले,वो दुबला पतला सा लड़का सबके चेहरों पर टॉर्च मारता हुआ,सबसे कहने लगा,"हर कोई अपना-अपना सीट के नीचे चेक कर लीजियेगा,सरकार का अलर्ट जारी हुआ है..." सुनने की देर थी कि सबके बीच में हड़कम्प मच गया। 

दिल्ली वालों का दिल पहले ही से कमज़ोर रहा है। सब व्यस्त थे अपना जीवन बचाने में,और हम हॉल की धीमी सी रोशनी में,उस लड़के को निहार रहे थे। सामने आमिर और यहाँ 'पंकज'। हाँ,यही नाम बताया था अपना वो। सब शांत हुआ,तो नज़रें कभी स्क्रीन पर,तो कभी बाहर निकलने वाले दरवाज़े की ओर। उस कम ज्यादा होती रौशनी में,जितना ही सुन्दर हमको आमिर खान लग रहा था,उतना ही सुन्दर दरवाज़े पर खड़ा वह लड़का। 

मानसून अपने शबाब पर था। और अब अगर प्यार नहीं होता,तो ज़िन्दगी नाकारे और बेचारेपन में डिग्री हासिल करने में ही सिमट कर रह जाती।" आज साल है 2011, महीना नवंबर का। ठण्ड हलके हलके दिल्ली के कन्धों पर सवार हो रही है। और आज पंकज का हाथ पकड़ कर हमारे सामने बैठे हैं राहुल। जो 1991 में रीगल सिनेमा के उस पांचवी सीट पर बैठ कर अपना दिल उनको दे चुके थे। 

एल.जी.बी.टी.क्यू. प्राइड परेड से थी हमारी यह पहली कहानी। ऐसे ही मिलेंगे आपसे कहीं किसी थिएटर,पान के खोमचे,गोल गप्पे के ठेले के बगल में,या मंडी हाउस मेट्रो के खम्भों के बीच,शुरु हुई ऐसी ही 'रंग-बिरंगी' कहानियों के साथ। तब तक,जो प्यार में हैं,उनसे उनकी कहानी सुनकर,उसी में गीता का सार ढूँढने का प्रयास कीजिये,या फिर खुद प्रेम में हो जाइये। होंगे ना...?


तारीख: 09.06.2017                                                        राहुल झा






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