जब अपने तुझे अकेला छोड़ दे

जब अपने तुझे अकेला छोड़ दे,
जब अपने तुझे अकेला छोड़ दे,

ये मतलबी दुनिया भी तुझसे मुहँ मोड़ ले,
तू बटोर अपना हौसला,

छोटी चिड़िया भी तिनके बटोर बना लेती है अपना घोंसला,
फिर तू तो है इंसान, बनाए रख अपना इत्मीनान।

सारी मुश्किलों से जूझ और उन्हे हरा,
दृढ़ निश्चई लोगों ने क्या नहीं करा।

न घबरा न देख अपना हाल,
अपने लक्ष्य की और कर हिरण जैसी चाल।

उठ पथिक और चल दे अपने पथ पर,
और जब लौट कर आए तो आना विजय-रथ पर।


तारीख: 09.06.2017                                                        सार्थक चौरे






नीचे कमेंट करके रचनाकर को प्रोत्साहित कीजिये, आपका प्रोत्साहन ही लेखक की असली सफलता है