प्रेम

                                                                                      
कैसे कहूँ तू कैसी है
पहले ठंडी फिर 
गर्म रेत जैसी है 
ना जाने तू कैसी है |

कह दूँ शीतलहरी तुझे
या गर्म लू की गर्मी है
रात रानी की खुशबु जैसी 
या नई आम्र मंजरी है
कैसे कहूँ तू कैसी है |

कह दूँ बून्द ओस तुझे
या  नन्ही दुब की नरमी है
स्थल कमल का आग़ोश तू
या पानी की तस्वीर है
कैसे  कहूँ तू कैसी है
कैसे कहूँ तू कैसी है |


तारीख: 06.06.2017                                                        कृष्णा राठौर






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