रक्षाबन्धन

एक थाली  सजी दीपक से
हो जिसमें पूर्ण प्रकाश मधुरता की ,

चन्दन,रोली,फूल सा अतुलनीय
जिस बहन के प्रेम का ,

ये बन्धन है रिस्ते धागों का
जो सजे एक ड़ोरी से

किसी भाई के कलाई पर,
अपनों का अपनों से
गैरों से नातों का
ये बन्धन है रक्षा का
ये बन्धन है रक्षा का

⛳⛳(कीम दीदी ,नीशा दीदी ,क्षमा दीदी व सभी बहनों को समर्पित)


तारीख: 05.06.2017                                                        शिवम् सिहं शिवा






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