आ जी लें जरा

दिन कम हैं जब इस ज़िन्दगी में
क्यूँ ना झूमें हर पल खुशी में
चल ग़म को भी दे दें मज़ा
आ जी लें जरा, आ जी लें जरा


कुछ ना ले कर जब आये यहाँ
फिक्र कैसा क्या खोया कहाँ
ले कर जाना ना कुछ भी वहाँ
तो हर ग़म को हँसी में उड़ा
आ जी लें जरा, आ जी लें जरा

ज़िन्दगी के झमेले रहेंगे
लोग तुझको बुरा भी कहेंगे
तू उनकी परवाह करे बिन
सारी दुनिया मे खुशियाँ लुटा
आ जी लें जरा, आ जी लें जरा

कभी अपनो से दिल भी दुखेगा
कभी दुश्मन गले से लगेगा
ये जीवन तो नाटक है प्यारे
तू नायक के जैसे जीये जा
आ जी लें जरा, आ जी लें जरा

बड़े दिलकश हैँ दुनिया के मेले
यहाँ सब भीड़ में हैं अकेले
समय रुकता नहीं है कभी भी
तू भी अपने कदम को बढ़ा
आ जी लें जरा, आ जी लें जरा

हर रात का अँजाम होगा
नये सूरज का उनवान होगा
जो आया है उसको है जाना
ज़िन्दगी की है मँजिल क़ज़ा
आ जी लें जरा, आ जी लें जरा

दिन कम हैं जब इस ज़िन्दगी में
क्यूँ ना झूमें हर पल खुशी में
चल ग़म को भी दे दें मज़ा
आ जी लें जरा, आ जी लें जरा


तारीख: 16.07.2017                                                        प्रमोद राजपुत






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