आऊगाँ मैं आज फिर तेरे ख्वाब मे

आऊगाँ मैं आज फिर तेरे ख्वाब मे ,बस तु आँखें बन्द रखना,
पढ़ता हुँ मैं मन को तेरे, जानता हुँ तु चाहती है क्या मुझसे कहना,

आऊगाँ आज फिर तेरे ख्वाब मे
बस तु आँखें बन्द रखना,

रुह मे बसी है तु मेरे, सांसो मे तुझ संग मैं रहता हुँ,
लबो पर बैठ मैं तुझसे ही तेरी दिल की बातें कहता हुँ,

महसूस करके प्यारी थपकिया तेरी सोते हैं मेरे नैना,
आऊगाँ आज फिर तेरे ख्वाब मे बस तु आँखें बन्द रखना।

थमी हुई साँसे मेरी ,दिल धड़कता है बिन आवाज किए,
जगह बना के रखा है हमने दिल मे बस तेरे लिए हा तेरे लिए,

भाता है दिल को तेरा इन्तजार करना और तेरा राश्ता तकना, 
आऊंगा आज फिर तेरे ख्वाब मे बस तु आँखें बन्द रखना।

सिमट गई है कोहरे मे तु,धुल गई है तु बरसातो मे,
सब्र किया है मिलने को तुमसे पर मिल सकता हूँ बस रातों मे,

कटते नहीं हैं अब इक पल तुम बिन,बस चाहता हुँ संग तेरे रहना,
आऊगाँ आज फिर तेरे ख्वाब मे,

बस तु आँखें बन्द रखना।।


तारीख: 22.09.2017                                                        शुभम सिंह






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