चल रही है ज़िन्दगी

चल रही है ज़िन्दगी अपने ढ़ंग से 
बड़े मोड़ भी आ रहे है इसमे,
जाने कहाँ ले जाएगी ऐ मुझे, 
हो गया हुँ मै तो इसके वश मे ,
है भाग्य ये मेरा, 
है समय ये मेरा बस इसके साथ मै चला जा रहा हूँ ,

कर रहा हूँ ज़िन्दगी को बड़े नजदिक से महसूस 
कुछ ज़िन्दगी के गीत लिखे जा रहा हूँ 
अब तो हुये हैं ज़िन्दगी के संघर्ष शुरू ,
इन समस्याओ से मै  लड़ता जा  रहा हूँ ,

खेलेंगे इस ज़िन्दगी के खेल को साथ साथ ,
ऐ ज़िन्दगी अब तो मै तेरी गोद मे आ रहा हूँ .....
खेलेंगे इस ज़िन्दगी के खेल को साथ साथ ,
ऐ ज़िन्दगी अब तो मै तेरी गोद मे आ रहा हूँ .....


तारीख: 01.07.2017                                                        शुभेंद्र सिंह






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