दर्द की दास्तान के बाद

बस एक कतरा मिली है ख़ुशी।
गमों के तूफ़ान के बाद।
शायद प्यार भी होगा ज़िन्दगी में।
दर्द की दास्तान के बाद।

खामोश हो गए थे मेरे आँसू।
अश्कों की बारिश में।
चल पड़ा था काँटों की राह पर।
सिर्फ उनकी गुज़ारिश में।
कर्जदार हो गया हूँ उनका मैं।
उनके एक एहसान के बाद।
शायद प्यार भी होगा ज़िन्दगी में।
दर्द की दास्तान के बाद।

मासूमियत प्यार की अब भी ज़िंदा है।
उनके फैसले ने बता दिया।
हम तो बस पसंद करते थे उन्हें।
प्यार करना तो उन्होंने सिखा दिया।
मिलेंगे शायद उनसे भी कभी।
ज़िन्दगी की उड़ान के बाद।
शायद प्यार भी होगा ज़िन्दगी में।
दर्द की दास्तान के बाद।

दिल की धड़कन की भी ज़ुबान होती है।
इस ज़ुबान वाले ने कभी जाना ही न था।
गर वो न आते ज़िन्दगी में मेरी।
मुझे मेरी रूह को कभी पाना ही न था।
सब कुछ भूल गया हूँ मैं।
उनकी आखिरी मुस्कान के बाद।
शायद प्यार भी होगा ज़िन्दगी में।
दर्द की दास्तान के बाद।

इतना दर्द हैं ज़िन्दगी में अब।
की खुशियों की आहट भी सुनाई नहीं देती।
खूबसूरत हो सकती है ज़िन्दगी भी।
पर खूबसूरती में दिलचस्पी अब दिखाई नहीं देती।
एहसास-ए-गम भी उम्दा लगता है।
दर्द से हुई इस पहचान के बाद।
शायद प्यार भी होगा ज़िन्दगी में।
दर्द की दास्तान के बाद।


तारीख: 01.07.2017                                                        विवेक सोनी






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