खुद को जान ले

सुगम दृष्टि होगी, विचार वृष्टि होगी, खुद को जान ले।
चिर आयु होगी, प्राण वायु होगी, पायेगा गर ठान ले।
रक्तबीज सा बल होगा, तुझसा न कोई सरल होगा।
जीवन होगा प्रेरणादायक,हर मुश्किल का तू हल होगा।

सपनो की विज्ञप्ति, मन की तृप्ति, सब पाएगा तू।
अनंत शक्ति होगी, प्रेम संपत्ति होगी, बस मुस्कुराएगा तू।
आनंद ही आनंद होगा, ईश का वर मिलेगा।
विचार गर पवित्र रखेगा, तुझे ईश्वर मिलेगा।

गर राह भटक गया तू, वजूद कुछ और होगा।
न तू सरल होगा, न तू सिरमौर होगा।
मन लहूलुहान सा, मन मे गुमान सा, आम इंसान सा।
लक्ष्य स्थापित नहीं, कर्म सत्यापित नहीं, बस एक नाम सा।
                                


तारीख: 01.07.2017                                                        विवेक सोनी






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