मेघ बोध के

मेघ बोध के
सकल गगन
जगह जगह
फैले हुए
कहा जाते है?
जाते कहा है?

कही बरखा 
कही पुतली
कही नक़्शे
कही धागे
कही सपने
कही तत्व
कही प्रश्न
कही उत्तर

ये मेघ शायद
प्रपंच रहस्य की
चाबियाँ हैं
सूचनाएं हैं
लेखन हैं
कहानियां हैं
इन मेघों के
संकलन को

तुम
मैं
हम
तथागत
महावीर
दयानंद
परमहंस
कहते हैं..

मैं वह होता
तुम वह होते
हम सब वह होते
यदि 
मेघ बोध के
सकल गगन 
जगह जगह
फैले हुए
नहीं होते
नहीं होते


तारीख: 18.10.2017                                                        विष्णु एन कैमल






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