नया दौर

किसी का  कोई भरोसा नहीं 
ये विश्वासघात का दौर है

बाज बिलों में है 
चूहे चौराहे पर पोस्टर लगा रहे हैं 
जज साहब गिरफ्तार हो चुके हैं 
कातिल छुट्टी पर है 
 
आदमी खड़ा है कतार में 
भविष्य की आस में 

विश्वास है कि विश्वासघात होगा 
वो ये विश्वास टूटने नहीं देंगे ।


तारीख: 08.04.2018                                                        कुमार गौरव






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