उसकी महफिल से निकाला गया

उसकी महफिल से निकाला गया
कुछ इस तरहा मुझे संभाला गया ।


मैं तो डूब चला था इश्क़ में उसके
मुझे अच्छी तरह से खंगाला गया ।


आपको तरक्की मुबारक हो हुजूर
छिना तो गरीबों का निवाला गया ।


जिन हादसों में लोग जान गंवाते हैं
मुझे उन्हीं हादसों में है पाला गया ।


वक्त हमेशा से ही रहा मेरे खिलाफ
मेरे हर आज को कल पे टाला गया।


खुदा भी खुश है अपनी कामयाबी पे
था बला अजय जिसको टाला गया ।


तारीख: 21.07.2020                                                        अजय प्रसाद






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