सी.सी.टी.वी

 

आज सुगंधा ने डिलीवरी के चार महीने के बाद अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर ली थी. लगभग पांच साल से वो एक नामी कंपनी में प्रतिष्ठित पद पर कार्य कर रही थी. ऊंची सैलरी के साथ साथ खूब मान सम्मान था. और घर पर भी सभी उससे बहुत प्यार करते थे. आखिर वो अपने नाम के अनुरूप सभी के साथ मिलजुल जाती और मदद में सबसे आगे रहती. सुगंधा सरल और नम्र स्वभाव की है.

घर में सभी ने दुबारा जॉब ज्वाइन करने में उसे सपोर्ट किया. इसलिए वो भी सभी का बहुत ध्यान करती. घर में माँ पिताजी को कोई प्रॉब्लम ना हो और अब अपने छोटे से बच्चे के लिए भी उसने मेड के साथ साथ आया रख ली थी. वैसे तो माँ पिताजी हमेशा उसके बच्चे के आस पास रहते और आया पर कड़ी नज़र रखते पर फिर भी कहीं ना कहीं माँ का दिल बच्चे के लिए परेशान हो जाता. आया बच्चे की बहुत अच्छे से केयर करती उसे खूब प्यार करती थी, लेकिन दो-चार घटनाओं को सुनकर उसका मन देहल जाता.

एक दिन उसकी सहेली अपनीबच्ची की आया के बारे में बता रही थी की, कैसे उसने घर में रहते हुए उसकी बच्ची के गले से सोने की चैन निकाल ली और रोज़ कुछ ना कुछ सामान चोरी कर लेती. ये सब सी.सी.टी.वी में कैद हो गया तभी पता चला. उसने भी अपने घर में सी.सी.टी.वी लगवाने का सोचा.

रविवार के दिन सभी बाहर गए हुए थे और आया भी घर पर ना थी. उसने सी.सी.टी.वी वाले को फोन कर इंस्टाल करवा लिया और उसे अपने मोबाइल से ऑपरेट करना भी सीख लिया. पर घर पर किसी को बताने का समय नहीं मिला.

अगले दिन ऑफिस पहुँच कर उसने अपना मोबाइल खोला और घर पर हो रही गतिविधियों को देखने लगी. सब कुछ सामान्य सा लगा. ऐसे ही एक दो दिन बाद जब कैमरे की रिकॉर्डिंग देखने लगी तो उसके पैरो तले ज़मीन खिसक गई. उसे यकीन नहीं हो रहा था की जो वो देख और सुन रही है वह सच है या उसका वहम.

उसने देखा... उसका पति अपनी माँ से सुगंधा की जॉब के बारे में बात करता है, की शायद सुगंधा कुछ महीनो या उससे ज़्यादा समय के लिए नौकरी छोड़ना चाहती है, तो उसकी माँ गुस्सा होते हुए बोली-"तू तो बिलकुल पागल है, अरे! अगर वो जॉब छोड़ देगी तो सारी ज़िम्मेदारी तेरे पर आ जाएगी और घर की किश्त और गाड़ी की इ.एम्.आई कौन देगा? ये ऐशो आराम मेड का सुख कहाँ से मिलेगा? और तो और एक दो साल में छोटी की शादी के लिए भी तो अच्छा खासा कैश चाहिए उसका प्रबंध कैसे करेगा? वैसे तो उसका गोल्ड आदी मैंने पहले ही अपने लाकर में रख लिया है. पिताजी ने भी माँ की बात में अपनी सहमती दिखाई और कहा इसलिए तो हमने उसे जॉब करने की परमिशन दी तू तो बस आराम से अपनी जॉब कर और अपने पैसे सेव कर.

अब वो रोज़ ही कैमरे के द्वारा अपने खिलाफ बाते सुनने लगी. उसके सामने सब कितना मीठा बोलते हैं लेकिन पीठ पीछे क्या क्या साजिश कर रहे है.

यही नहीं उसका पति सेविंग के नाम पर, की कल तो ये हमारे और हमारे बच्चे के ही काम आएंगे और घर खर्च में बिलकुल भी पैसा ना देता. वहीँ मेड सारा काम करके चली जाती और माँ पिताजी के पास कुछ काम नहीं होता इसके बावजूद वो बच्चे को ना तो संभालती और ना ही आया पर नज़र रखती. सुबह सुबह ऑफिस की जल्दी में वो ठीक से नाश्ता ना कर पाती और घर आकर डिनर की तैयारी भी स्वयं करती. लेकिन उसकी सास रोज़ मेड से अपनी पसंद नाश्ता और लंच बनवाती. कभी खीर तो कभी हलवा, सभी खाते लेकिन सुगंधा के आने से पहले रसोई खाली कर देते. मेड का अतिरिक्त खर्चा और राशन आदी का खर्चा सब सुगंधा के नाम था.

इसके बाद उसने अपने बच्चे के कमरे का जायज़ा लिया. आया रोज़ हाथ मुंह धोकर बच्चे की मालिश करती, उसे नहलाती, उसके बड़े प्यार से दूध पिलाती, कभी गोद में लेकर लोरी सुनाती. उसे खूब लाड लगाती, खूब प्यार करती. बच्चा भी उसके साथ बहुत खुश रहता.आया और बच्चे का प्यार देख सुगंधा की आँखों में आंसू आ गए.

आज सी.सी.टी.वी की तीसरी नज़र की वजह सब उसकी निगरानी में थे.


तारीख: 15.07.2020                                                        मंजरी शर्मा






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