देशप्रेम

 

टीवी पर न्यूज़ आ रही थी, रोज़ की तरह पीहू के पापा कभी मंत्रियों को तो कभी किसी पार्टी को कोस रहे थे... "ये सरकार पता नहीं कैसे काम कर रही है, अपने देश के लिए कोई प्रेम ही नहीं है." "इससे अच्छा तो देश की बागदौड हमें दे दो हम बताएंगे की हम देश से कितना प्रेम करते है."

रोज़ किसी ना किसी व्यक्ति या समाज को कमेंट करते और प्रूफ करते की उन्हें देश के लिए कितना प्रेम है.

पांच साल की छोटी सी पीहू रोज़ इस घटनाक्रम को बड़े हैरानी से देखती.

एक दिन उसने अपने पापा से बड़े मासूमियत से पूछा-"पापा ये देश प्रेम क्या होता है?" पीहू के पापा बड़े खुश होते हुए और सीना चौड़ा करते हुए बोले-बेटा अपने देश से प्यार करना देश प्रेम कहलाता है.

पीहू को कुछ ख़ास समझ नहीं आया, तो उसने यही सवाल अपनी मम्मी से पूछा. प्रतिउत्तर में मम्मी ने पीहू को अपनी गोद में बैठाया और बड़े प्यार से चूमा, और कहा "देखो मम्मी तुम्हे कितना प्यार करती है, तुम्हारा ध्यान रखती है और कभी भी कोई प्रॉब्लम हो तो तुम्हारी मदद करती है, इसी प्रकार देश के प्रति प्यार, सम्मान करना और समय आने पर सब कुछ देश के लिए न्योछावर करना देश प्रेम या देश भक्ती कहलाता है.

तो क्या मम्मी देश के लिए अपनी जान दे देना ही देश प्रेम होता है? मासूम सी पीहू ने मम्मी से सवाल किया. नहीं बेटा, देश भक्ति का उदाहरण केवल शहीद ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में देश का नाम रोशन करने वाले वैज्ञानिक, खिलाड़ी, लेखक, डॉक्टर आदी भी देशप्रेमी कहलाते हैं. इसके अलावा समाज सुधारक, कलाकार और समाज सेवक जिन्होंने अपना सारा जीवन देश की उन्नति के लिए सेवा में लगा दिया वे भी देश प्रेमी होते हैं.

वाओ! मम्मा, मैं भी बड़े होकर अपने देश का नाम ऊँचा करुँगी... छोटी सी पीहू ने बड़े गर्व से कहा.

दो दिन बाद पीहू के पापा ने भारत और ऑस्ट्रेलिया का फाइनल मैच देखने के लिए टीवी चलाया. पापा ने पीहू को आवाज़ दी... पीहू ज़रा फ्रिज में से ठंडी कोल्डड्रिंक की बोतल लाना और अपनी मम्मी को बोलो कुछ स्नैक्स भी ला दे.

पीहू काफी देर से बूत बनी खडी हुई थी. पापा ने उसे दो तीन बार पुकारा और गुस्से में बोले-"पीहू तुम्हे सुनाई नहीं देता क्या?"

पीहू ने कुछ भी उत्तर ना दिया. फिर थोड़ी देर बाद पीहू बोली- पापा देखो ना हमारे देश का "जन गण मन ...." आ रहा है. पीहू का देश के प्रति सम्मान और प्यार देखकर मम्मी का सर गर्व से ऊँचा हो गया और पापा को भी देश प्रेम का सही अर्थ समझ आ गया.


तारीख: 15.07.2020                                                        मंजरी शर्मा






नीचे कमेंट करके रचनाकर को प्रोत्साहित कीजिये, आपका प्रोत्साहन ही लेखक की असली सफलता है