हाँ, हीरोइन हूँ मैं

 

"अपने आपको हीरोइन ना समझ"... गुस्से में बोलते हुए उमेश ने एक ज़ोर का तमाचा रीमा के गाल पर मार दिया. आखिर गलती क्या थी उसकी यही ना की वो ऑफिस के लिए तैयार हो रही थी और अपने बाल संवार रही थी तभी उमेश ने उससे कहा की चाय बना दे रीमा ने कहा-  हाँ, एक मिनट,  मैं बाल बना रही हूँ, हाथ धो कर बनाती हूँ. बस फिर क्या था, उसका गुस्सा सातवें आसमान जैसा था. उसे ना कहना बिलकुल भी बर्दाश नहीं था. रोज़ वह रीमा को हीरोइन होने का ताना मरता था.

रीमा ने भी प्रतिउत्तर में बोल दिया - हाँ, "हीरोइन" हूँ मैं. और क्यों न कहूँ, तुम रोज़ ही हीरोइन शब्द से नवाज़ते हो तो हाँ, मैं हूँ हीरोइन. तुम्हे भी तो हेरोइन जैसी पत्नी की तलाश थी, जो गोरी हो, लम्बी हो, जिसकी आँखे और बाल सूंदर हो, साथ ही स्लिम ट्रिम हो हर रिश्ते का किरदार निभाने वाली हो और साथ ही हीरोइन की तरह कमाऊ भी हो... क्यों, सही कहा ना मैंने?

तुम्हे भी तो ऐसी बीवी चाहिए थी जो सुन्दर हो, जिससे तुम सोसाइटी में अपने दोस्तों, रिश्तेदारों के सामने ले जाने में झिझक न हो... जो तुम्हारे साथ सोसाइटी मूव कर सके, जो बनठन कर तुम्हारे साथ नाईट क्लब चल सके...

तुमसे जुड़े हर रिश्ते का किरदार निभा सके, तुम्हारी पत्नी बनकर, घर की अच्छी बहु बनकर, कभी भाभी बनकर, बिना बोले हर रिश्ता निभाती रहे. कोई कुछ भी सही गलत बोलता रहे, लेकिन वो तो हीरोइन है जिसे अच्छा अभिनय करना है...

और अभिनय से याद आया, अभिनय ही तो मेरी सबसे बड़ी कला है. हर समय अभिनय करना पड़ता है, मन चाहे कितना दुखी हो सबके सामने मुस्कुराना पड़ता है. खुश रहने की एक्टिंग करनी पड़ती है. दोस्तों, रिश्तेदारों के सामने भी अभिनय करना पड़ता है. मेरे जज़्बातों का कोई मोल नहीं. मैं रोज़ ही अपने एक्टिंग स्किल्स को मज़बूत करती हूँ ताकि मेरी हकीकत किसी को पता न चले यहाँ तक मेरे माता पिता को भी, और ये अभिनय चलता रहे.

जैसे हर फिल्म में हीरोइन के अलग अलग नाम होते है, वैसे ही मेरे भी कई उपनाम है - जैसे अनपढ़, गंवार, बेवकूफ और भी जिनके नाम मैं अपनी जुबां पर भी नहीं ला सकती,जो तुमने दिए, जिनके आगे मैं अपना असली नाम ही भूल गई हूँ.

वैसे तुम्हे एक बात बता दू ये अभिनय और हीरोइन बनने के लिए मैंने कोई टैनिंग नहीं ली, में अपने हर रोल को बखूबी निभा रही हूँ ...

वैसे मैं अपनी इस एक्टिंग का श्रेय तुम्हे देना चाहती हूँ, तुम्हारा बहुत बहुत शुक्रिया... तुम्ही के कारण मैं हीरोइन कहला पाई ... अब मुझे तुम्हारे बार बार हीरोइन बोलने का कोई दुःख ना होगा. क्योंकि... हाँ, "हीरोइन" हूँ मैं.


तारीख: 21.07.2020                                                        मंजरी शर्मा






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