कितना मुश्किल होता है किसी को चाहना

कितना मुश्किल होता है किसी को चाहना, वो भी बिना बताए |
लाखो बिजलीयाँ गिरती है दिल पर, वो भी बिना गिराए |

हम आपके लिए आम है, आप हमारे लिए खास हैं |
कैसा रिश्ता बन गया है, वो भी बिना बनाए |

आपको देखना और बात करना, बस यही सुकून है दिल का |
सबकुछ मिल जाता है आपसे मिलकर, वो भी बिना कुछ पाए |

कोई गम आपको छु न पाए, अब यही दुआ है |
दे दुं आपको सारे जहां की खुशियाँ, वो भी बिना जताए |

हमसे मुहब्बत का आपको कोई बंधन नही है |
ख़्वाहिश यही है कि आप भी हमे चाहो, वो भी बिना छिपाए |

हम इजहार तो करें, पर आरजू कुछ और लिए बैठे हैं |
जले प्यार का दिया आपके दिल में, वो भी बिना जलाए |

ये माना किसी और के लिए लिखा, पर समर्पित आपको किया है |
क्य कोई अनमोल चीज देता है किसी को, वो भी बिना उसे चाहे |


तारीख: 27.08.2019                                                        अनिल रघुवंशी






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