मेरी यादें और तुम

तुम भले ही इन्कार करो हर 
उस बात से 
जिस बात में मेरा जिक्र हो
पर मैनें सुना  हैं कि मेरी ही 
 यादों में रात को तकिया भिगोते 
हो 


और जब भी मन उदास हो, तो 
मेरा तुम्हारे बालों को सवारना 
चुपके से महसूस करते अब भी 
हो 


और मैंने सुना हैं कि
सुबह मेरे जगाने का इंतजार करते अब भी 
हो 
मेरी ही यादों में रात को तकिया भिगोते 
अब भी हो 


मैंने तो यह भी सुना है, 
कि 
मेरे हाथ के बनाये गुजिया Miss 
 करते अब भी हो 
मेरे बिना अब कभी Long drive 
पर भी नहीं जाते हो, 


और सुना है  कि मेरे अलावा 
प्यार की नजरों से किसी और को 
कभी देखते भी नहीं 
हो 
मेरे इश्क ने तुम्हें कुछ इस तरह मार 
डाला कि 
अब जिन्दा लाश बन गए हो 
तुम 

 


तारीख: 01.05.2020                                                        निकिता कश्यप






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