फूलों सी छोटी सी खुशबूदार जिंदगी


फूलों सी छोटी सी हो खुश्बूदार जिन्दगी
कंटक युक्त हो बदहाल बदकार जिन्दगी

कुसुमों के चमन सी सदा ही महकती रहे
गुलिस्तां सी खिली हो सदाबहार जिन्दगी

नेकी पथ पर पथिक बन बीते यह जीवन
गुनाहों से भरी नहीं हो गुनाहगार जिन्दगी

चाँद तारों सी नभ में ये सदा चमकती रहे
हिमकर सी शीतल हो चमकदार जिन्दगी

शाहबलूत की जितनी कभी आयु ना हो
सुमन सी अल्पायु हो असरदार जिन्दगी

जीवन पर्यन्त यह सदैव प्रकाशित ही रहे
दिनकर सी दमकती, हो दमदार जिन्दगी

कभी भी किसी से कोई मनभेद ही ना हो
शबनम सी पारदर्शी हो आबदार जिन्दगी

अंगारों पर चल कर अमिट अडिग सी हो
सुखविंद्र पाषाण सी हो वजनदार जिंदगी


तारीख: 05.04.2020                                                        सुखविंद्र सिंह मनसीरत






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