दिल दर्पण देख दिखाएं
सूरत निहारूं इसमें तुम्हारी
एहसास दिलाएं मस्त मगन दरिया
रूह छुपी हो इसमें तुम्हारी
जलसा लगाएं महफ़िल सजाएं
जाम पर तुम्हारी याद जताएं
तेरी छुअन जिस पर मोहन
कपास सी काया तुम्हारी
पल-पल पाने की चाहत पाली
दिलकश यह माया तुम्हारी
धूप मोहोब्त दिखाएं इस कदर
छाया के साथ चले छाया तुम्हारी
चाँद सितारों के संग बीती
गुमसुम गुमसुम राते तुम्हारी
मोडे मन की बैठक को
भोली सी बातें तुम्हारी