अनमोल रिश्ता

जिस दिन का बेसब्री से रहता

हर प्यारी बहना को इंतजार,

उस दिन को हम कहते है

रक्षा बंधन का त्योहार । 

 

कभी लड़ाई तो कभी मनुहार

भाई बहन का ऐसा ही प्यार,

इस रिश्ते का ना कोई मोल

ऐसा ही है राखी का त्योहार ।

 

माँ बनाती पुए पकवान

भाई आज बना शैतान,

बहना राखी बांधने को

है सुबह से ही परेशान । 

 

रेशम के इस धागे मे बसा

है प्यारी बहना का दुलार,

ये पवित्र रिश्ता है ऐसा

मिट जाए लम्हो का एहसास ।

जिसकी नहीं है कोई बहना

सारा जीवन है उसे दुख सहना,

कमी ऐसी खलती है उसे की

जैसे कम हो अपना एक गहना ।

 


तारीख: 13.09.2021                                                        तरुण आनंद






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