चलते रहना जीवन है

 

अणु से आत्मा का सृजन जीवन है।
सिद्धांत है गतिमान का,
स्थिर रहने का नहीं,
शून्य से अनंत के सफ़र पर जाना है।
अतः चलते रहना ही जीवन है।

जीवन संघर्षों की डगर है।
सुख-दुःख हमारे जीवन साथी,
गर्म हवाओं का डर जिसको,
उसका जीवन नहीं मरण है।
अतः चलते रहना ही जीवन है।

जीवन है एक कर्त्तव्य पथ,
मानव ऊर्जा का शक्ति पूंज है।
पथ बदलना नहीं जीवन है।
पथ बनाना ही जीवन है।
अतः चलते रहना ही जीवन है।

जीवन है इंद्रधनुष की भांति,
पर उसमें स्वर्णिम रंग भरना स्वयं है।
अपना सूरज अपनी वर्षा
यही कर्मवीर के स्तंभ है।
असफलताओं से अनुभव प्राप्त है करना,
अतः चलते रहना ही जीवन है।

जीवन एक अनवरत तपस्या,
परिश्रम इसका मूल मंत्र है।
लाख चुनौतियां आए पथ पर
तुमको नहीं रुकना है।
शूल को सुमन में बदलना है।
अतः चलते रहना ही जीवन है।


तारीख: 20.06.2020                                                        मानसी शर्मा






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