घर में खोई औरतें 

घर में खोई औरतें 
चाय की खुशबू के महकते 
इलायची, अदरक ,दालचीनी के
स्ट्रांग फ्लेवर में मिला करती हैं!

घर में खोई औरतें 
कमीज़ों के टूटकर 
ताजा टंके बटनों
और उधड़े रिश्तों की तुरपाई में
मिला करती हैं!

घर में खोई औरतें 
संदूकों में सहेज कर रखे
शादी के वक्त हाथ से पति के नाम का 
पहला अक्षर कढ़े  सालों पुराने 
उन नए नकोर रूमालों के 
लाल रेशमी धागों में मिला करती हैं
जो  जीवनसाथी ने कभी छुए ही नहीं!

घर में खोई औरतें 
मुरब्बों की मिठास
अचारों की खटास 
और ताज़ा कुटे मसालों की सुवास में 
मिला करती हैं!

घर में खोने वाली सभी औरतें 
चाबियों के गुच्छों पर लटके
उन घुंघरुओ में मिला करती हैं 
जो अल्मारियों के ताले खोल-बंद करते
अक्सर कलाई की चूड़ियों से उलझ
संगीत के अद्भुत सुर रच जाया करते हैं!

घर में खोई औरतें
खाट से लग कर भी खोई रहती हैं 
और तब वे अलमारियों में बिछे अखबार के नीचे पड़े
किसी मुड़े -तुड़े सौ पचास के नोट में 
तकिए के नीचे रखे छोटे से पर्स में 
जतन से संभाली अपनी सगाई की अँगूठी में 
या किसी घुटनियों चलते नाती पोते के गले में पड़े 
काले धागे में पिरोए छिक्कल पैसे में बंधी गाँठ में 
या फिर पुराने नींबू के अचार के सूखकर 
चूरन बनी छोटी डलियों में भी मिला करती हैं!

घर में खोई औरतों को
उनके देह त्याग देने के पश्चात 
यदि किसी दिन तुम उन्हें याद कर पूरे घर में 
उन्हें ढूंढो और वे न मिलें तो 
तो घर की चौखट को गौर से देखना, 
बहुत मुमकिन है वो वहीं चींटी बनी
चौखट में पड़ी दरारों को 
जतन से भरती मिल जाएंगीं!


तारीख: 09.07.2021                                                        सुजाता






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