हां मैं नारी हूं

बहती मैं अविरल धारा सी 
चमकती चांद सितारा सी 
मैं प्रेम की पिटारी हूं 
हां मैं नारी हूं ....

रूकना मुझे आता नहीं 
डरना मुझे भाता नहीं 
मैं शक्ति की चिंगारी हूं 
हां मैं नारी हूं ....

त्याग और सहनशीलता 
ये दोनों मेरे हथियार 
मैं न हारूगीं ,न हारी हूं
हां मैं नारी हूं ....

तुम समझ लो मुझको एक बार 
पालो मुझे और मेरा प्यार 
मैं प्रेम की पुजारी हूं 
हां मैं नारी हूं .....

दृढ़ संकल्प और मर्यादा 
मैंने ही तो इनको साधा 
बहन बेटी और महतारी हूं 
हां मैं नारी हूं .....
 


तारीख: 01.05.2020                                                        सीमा शर्मा






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