मन का मीत

 

तुम दवा उपचार नहीं,

फिर भी मेरे दर्द में सुकून हो||

तुम दुआ उम्मीद नहीं,

फिर भी मेरे दिल की फ़रियाद हो||

तुम सरगम संगीत नहीं,

फिर भी मेरे मन का राग हो||

तुम बादल बरसात नहीं,

फिर भी मेरी रूह पे बौछार हो|| 

तुम वो पहला ख्वाब नहीं,

फिर भी मेरा एक अरमान हो||

तुम सूर्य का ताप नहीं,

फिर भी मेरे जीवन का प्रकाश हो||

तुम अक्षर अभ्यास नहीं,

फिर भी मेरे विचारो का विवेक हो||

तुम दिल धड़कन आवाज़ नहीं,

फिर भी मेरी ख़ामोशी में संवेग हो||

 


तारीख: 12.09.2020                                                        प्रतिभा शुक्ला






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