नवगीत

प्रयास होते विफल

क्या करें

किस्मत खोटी है!

 

टाँग खींचने वाले तो

आगे बढ़ जाते हैं!

लंगड़े लूले यहाँ

चोटी पे चढ़ जाते हैं!!

 

खाने वाले चार

केवल एक ही

रोटी है!

 

अनुचित हो या उचित

मुनाफा दुगुना होना है!

जेब गर्म तो ठीक

नहीं फैला कोरोना है!!

 

सींकिया पहलवान

की पत्नि

ज्यादा मोटी है!

 

रिश्ते नाते की डोरी पर

अनबन बैठी है!

और दुनिया की चाल

लगे कि ऐंठी ऐंठी है!!

 

अपने हिस्से 

भागते भूत की

लंगोटी है!

 


तारीख: 25.08.2020                                                        अविनाश ब्यौहार






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