प्यार करना अपनी औकात देख कर

प्यार करना तू अपनी औकात देख कर

हैसियत ही नहीं बल्कि जात देख कर ।

 

दिल और दिमाग दोंनो तू रखना दुरुस्त

इश्क़ फरमाना घर के हालात देख कर ।

 

होशो हवास न खोना आशिक़ी में यारों

ज़िंदगी ज़ुल्म ढाती है ज़ज्बात देख कर ।

 

करना तारीफे हुस्न मगर कायदे के साथ

खलती है खूबसूरती मुश्किलात देख कर ।

 

क्या तू भी अजय, किसको समझा रहा

डरते कहाँ हैं ये लोग हादसात देख कर

 


तारीख: 25.06.2020                                                        अजय प्रसाद






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