रक्तांचल - रिव्यू

2012 में जब Gangs of Wasseypur रिलीज़ हुई तो ये तय हो गया कि आँचलिक परिदृश्य में हिंसक कहानी कहने का  benchmark अब सेट हो गया है । ये भी तय हो गया था कि ये फ़िल्म ही आने वाले कई सालों तक बहुत सारे फ़िल्मों आदि की प्रेरणा श्रोत बनेगी। इन्ही प्रेरित लोगों की सूची में लेटेस्ट हैं रितम श्रीवास्तव जिनकी निर्देशित वेब-सिरीज़ “रक्तांचल” हाल ही में MX Player पर रिलीज़ हुई।

सिरीज़  के बारे में :

raktanchal- kranti prakash jha and nikiten dheer

 

“रक्तांचल” MX प्लेअर की पहली “अरिजिनल  सिरीज़” है। और इस सिरीज़ के माध्यम से शायद MX Player, अबतक जी मुख्यत: adult कांटेंट परोस रही थी, अपनी कांटेंट पोर्टफ़ोलियो में विविधता लाने के प्रयास में सफल होती दिख रही है। 9 एपिसोड्ज़ वाली इस क्राइम सिरीज़ का निर्देशन रितम श्रीवास्तव ने किया है। क्रांति प्रकाश झा,  निकितिन धीर,रोंजिनी चक्रवर्ती, प्रमोद पाठक, विक्रम कोचर, चितरंजन त्रिपाठी, कृष्णा बिष्ट आदि मुख्य भूमिका में हैं।

कहानी:

सिरीज़ की कहानी अस्सी के दशक के  पूर्वांचल क्षेत्र की पृष्ठभूमि पर आधारित है। पुजारी सिंह और उसके बाहुबली वसीम खान का वर्चस्व पूरे पूर्वांचल में फैला है। विजय सिंह  पढ़ लिखकर कलेक्टर बनने  के सपने देख रहा होता है जब उसके सामने वसीम खान के लोग उसके समाज में प्रतिष्ठित पिता की हत्या कर देते हैं। बदले की आग में जलते हुए विजय सिंह क्राइम की दुनिया में घुस जाता है। धीरे धीरे टेंडर की लड़ाई से आगे बढ़ते हुए वो पुजारी सिंह और वसीम खान से सीधी टक्कर लेने लगता है। अब अपने बदले की लड़ाई में विजय सिंह जीतता है या नहीं ये तो पूरी सिरीज़ देख कर ही आप जान पायेंगे।

 

tripurari vijay and chacha in raktanchal

 

जैसा कि नाम से  ही स्पष्ट है, कहानी हिंसा एवं हिंसक दृश्यों से परिपूर्ण है। जैसा कि आजकल ट्रेंड है, फ़िल्मों में गालियों का भी जमकर प्रयोग है हालाँकि ये गालियाँ ज़बरदस्ती थोपी हुई न लगकर “स्क्रिप्ट की डिमांड” लगती हैं।

सिरीज़ क्यों देखें:

यदि क्राइम सिरीज़ पसंद है तो ज़रूर देखिए। हाल फ़िलहाल आँचलिक स्टाइल लोगों को पसंद आने लगा है और “रक्तांचल” भी पसंद आने योग्य है। मुख्य भूमिका में क्रांति झा का काम काफ़ी अच्छा है। सीमा के किरदार में रोंजिनी, एवं कट्टा के किरदार में कृष्णा का प्रदर्शन ज़ोरदार लग रहा है। सनकी का किरदार निभाने वाले विक्रम कोचर ने शायद सबसे अधिक प्रभावित किया है। स्क्रिप्ट एवं डायलोग में पूर्वी उत्तर प्रदेश का टच बख़ूबी डाला गया है। सबसे बड़ी बात ये कि  कहानी आपको बांधे रखेगी और ये “बिंज  वॉच “ लायक़ है। हर एपिसोड ऐसे मोड़ पर ख़त्म होती है जहाँ से आप अगले एपिसोड को देखे बिना रुक नहीं पाएँगे। सिरीज़ एक ऐसे मोड़ पर ख़त्म हुई है जो अपने आप में कहानी को एक “लॉजिकल एंडिंग” देते हुए भी अगले सीज़न के लिए एक प्लाट्फ़ोर्म सेट कर देती है।

 

mx original raktanchal sanaki

सिरीज़ में कमियाँ:

सबसे पहली कमी लगी मुख्य विलन निकितिन धीर का कमज़ोर प्रदर्शन। न तो उनकी डायलोग डिलिव्री में दम नज़र आ रहा न ही उनकी बोली में पूर्वांचल क्षेत्र का टच दिख रहा है।हालाँकि इस ग़लती का दोष निर्देशक पर भी डाला जा सकता है। सिरीज़ में एक कमी है अच्छे पंच लाइंज़ की। ऐसे डायलोग जो सोशल मीडिया पर छा जाए, जिसपर मीम्स बनने लगे। ये ऐसे नए शब्द जो लड़के अपने फ़्रेंड सर्कल में आम बोल चाल  में प्रयोग करने लगे। 

फ़ाइनल वर्डिक्ट :

सिरीज़ देखें, लेकिन Gangs of Wasseypur, पाताल लोक,मिर्ज़ापुर जैसी सिरीज़ सा एक्स्पेक्टेशन ना रखें। ये तय है कि MX Player के लिए ये सिरीज़ अच्छी डील है और निश्चित रूप से युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करेगी।


तारीख: 31.05.2020                                                        फ़िल्मी चुम्बक






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