लॉकडाउन के ख़त

मैं खतों में अपना रोज लिखता हूँ,
तुम भी कोई अपना एक दिन लिख दो।

ये सब खत्म होने के बाद,
हम करेंगे इंतजार,

इन खतों के आने जाने का।


तारीख: 24.05.2020                                                        अंकित मिश्रा






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