मजदूरों की लाशों पर

मजदूरों की लाशों पर 

पहले नेता सेंकते हैं

राजनीति की बेशर्म

रोटियां,

फिर उनको पलटकर 

तुम सेंकते हो आत्मा विहीन

कविताएँ.

 

"उनको सत्ता की भूख है 

तुम्हें वाह-वाह की"

 


तारीख: 17.05.2020                                                        रिया प्रहेलिका






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