नदी के किनारे स्त्रियाँ

नदी के किनारे, 
जब छोड़ दी जाती हैं, 
स्त्रियाँ। 

तब स्त्रियाँ विद्रोही, 
वीरांगनाएँ बन जाती हैं।


तारीख: 09.06.2020                                                        अदिति शंकर सिंह






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