खूबसूरत यूँ आपके इशारे न होते

खूबसूरत  यूँ  आपके  इशारे न होते,
अगर आप  दिल  से  हमारे  न होते.

मिल जाते  मुझे  पहले  ही आप  तो,
राते  इतनी  तन्हा  हम गुजारे न होते.

नही आती  तितलियाँ  फूलों पर कभी,
फिजाओं में  अगर  ऐसे नजारे न होते.

चमक  लेकर  आपसे  बिखेरते हैं रातों  में,
वरना आकाश में इतने चाँद सितारे न होते.

उडान  से  थक  जाता है  वो  परिदां भी,
नदियों  के  बनाये  अगर  किनारे न होते.

नहीं  चल  पाते  हम  इन  कंटीली  राहों पर,
इस तरह मोहब्बतों के आपके सहारे न होतें.


तारीख: 15.06.2017                                                        देवांशु मौर्या






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