वहाँ

वहाँ पर कोई
 बात नहीं कर रहा था 
इसलिए कोई राह नहीं 
दिख रही थी 
मैंने नदी के साथ की शुरुआत 
बात की 
मुझे पहले सुनाई दी 
मछलियों की पदचाप 
फिर चिड़ियों की चहचहाट 
सुनाई दी 
मुझे लगता है  
हमारी जड़ता टूटती है 
बात करने से 
कोई न हो पास 
तो 
किसी पेड़ से 
मैं बात करूँगा  

जो नदी के साथ बात नहीं करेंगे 
वे जान नहीं पायेंगे
मछलियों की पदचाप 
और 
हत्यारे की पदचाप 
में अन्तर  |


तारीख: 07.09.2019                                                        रोहित ठाकुर






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