कैसे तुम्हे भुलाऊँ

गोरे गाल , उलझे बाल , कैसे तुम्हे जगाऊँ ??
सूरज जागा, तकने आ गया , कैसे इसे भगाऊँ ??
हवा जो डोली , कान में बोली , तेरे पास मैं जाऊँ ,
तुझे उठाकर , गले लगाकर , सबके हृदय जलाऊँ !!

धूप अड़ी , तू दूर खड़ी , पास मैं कैसे जाऊँ ??
नभ का सौदा ,पड़ेगा महंगा ,कैसे तुझे बताऊँ ??
जो पेड़ बुलाए , जगह बताए , तुझमें आस जगाऊँ ,
पानी देकर , सर रखवाकर , तब अपना प्यार दिखाऊँ !!

शाम आई , तू छत नही आई , कैसे तुझे बुलाऊँ ??
ओट के पीछे , खुद को खींचे , कैसे प्यास बुझाऊँ ??
पंक्क्षी जब चहके , मौसम महके , देखा तुझे स्वप्रिय संग ,
छाया अँधेरा , मन मेरा रोया , कैसे तुझे गवाऊँ ??

रात घनेरी , बातें तेरी , कैसे तुम्हे बताऊँ ??
चन्दा जागा , तुझसा लागा , कैसे आवाज लगाऊँ ??
आँखें गीलीं , साँसें ढीलीं , कैसे मन समझाऊँ ??
मेरे सपने , तेरे अपने , कैसे तुम्हे भुलाऊँ ???


तारीख: 06.06.2017                                                        शशांक तिवारी






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