आज फिर कुछ भरम लौट आये

आज फिर कुछ भरम लौट आये !
ख्वाब में जो सनम  लौट आये !!

महफिले थी हमारी कभी वो 
आज जिस दर से हम लौट आये !!

शहर आके तेरे फिर हुआ यूँ ;
सारे के सारे गम लौट आये !!

फिर वही शाम यादो की तेरे 
फिर वही गम सितम लौट आये !!

दिल में उनके मैं जब मर गया तो 
हम भी कर आँखे नम लौट आये !!

चाहता था कि वो आके कह दे 
लौट आये लो हम लौट आये !!


तारीख: 17.06.2017                                                         देव मणि मिश्र






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