हिमनद की बेटियां

मक्कू की मोनाल ,
    चहकती-महकती
फूलों की घाटी ,
   हिमालय की किलकारी
बुरांश की कोमल-कोपलें ,
    केदार की बेटियां
लकीर की फ़कीर ;

ताश के पत्तों-सी बिखरी
       अमावश्या में जुगनू-सी टिमटिमाती ,
ध्रुव तारे के सहारे , चन्द्रमा की भतीजी ,
      रीतियों के बंजर में
हरियाली का हल जोतती मन्दाकिनी ,
  दो बसंत देख चुकी अलकनंदा

अलख की नंदा है अब ,
    पिता के प्रेम को पूजती
आदर्श कन्या ,
   समाज के मूल्यों को सहेजती
दमघोंटू जीवन में , सांस लेती पिण्डारी ,

       बाईस-सावन की सांवरी
श्रीकृष्ण की बावरी ,
     समाज के बत्तीसवें संस्कार को स्वीकारती ,
अन्तर्वेदनाओं को भेदती
     हिमालय की हिमानी 
देवी नंदा राजजात की कहानी ,
     बाबा-बर्फानी की चोटियां
हिमनद की बेटियां  ।
                              


तारीख: 02.07.2017                                                        अतुल मिश्र "अतुल अकेला"






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