होली


करनी परे जोरा जोरी खेले मिल के आज हम होली
रंगों से रंग दू गोरी, आई हुदडंगो कि मिल के टोली
भंग संग छाई मस्ती निराली
भाये गोरी के गालों की लाली
छाई हुड़दंगो की टोली....खेलो रे मिल के होली
दिल मे चलावें तीख़ी कटारी
हुए बुढ्ढे जवान सारे मवाली
छाई हुड़दंगो की टोली...खेलो रे मिल के होली
मौज मनावें अंग लगा कर गलियन में छोरा छोरी
गलियन में छोरा छोरी...
मन मन भावें देती है गाली, भीगी चुनरियाँ भीगी है चोली
जम के खेले है होली...जम के खेले होली
कजरारें नयनों से भर भर के मारें रंग बिरंगी गोली
हाय हाय रंग बिरंगी गोली...
छेड़छाड़ पे काहे बुरा मनावें, आज करेंगे ठिठोली
आज करेंगें ठिठौली...
छाई हुड़दंगो की टोली....खेलो रे मिल के होली
नख़रे दिखावे मोरी सजनिया, छोड़ेंगे न हम हमजोली
छोड़ेंगे न हमजोली...
गज़ब फागुन का जादू टोना
हर दिल चाहे इसका होना
बच न जाये कोई भी कोना
चुन चुन के हर अंग भिगोना
अरे रे रे पकड़ो भागी रे गोरी, खेलों खेलों रे होली...
छाई हुड़दंगो की टोली.... खेलो रे मिल के होली
चाहे करनी पड़े जोरा जोरी खेलेंगे आज हम होली
रंगों से रंग दू गोरी, आई हुड़दंगों कि मिल के टोली
खेलो रे मिल के होली....


तारीख: 06.04.2020                                                        नीरज सक्सेना






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