तो मै किसी और की हूँ

अगर बातें शब्दों की मोहताज हैं तो कोई बात नहीं,
पर अगर ये आँखों पर लिखे जज़्बात हैं तो मैं किसी और की हूँ
 
अगर इंतजार घड़ी की सुईयों का मोहताज है तो कोई बात नहीं,
पर अगर ये एक विश्वास है तो मैं किसी और कि हूँ
 
अगर मोहब्बत उनके हाँ की मोहताज है तो कोई बात नहीं,
पर अगर प्यार इबादत है तो मै किसी और की हूँ
 
अगर पवित्रता शरीर की छुअन की मोहताज है तो कोई बात नहीं,
पर अगर ये रूह पर लिखा नाम है तो मैं किसी और की हूँ
 
अगर शादी रीति-रिवाजों की मोहताज है तो कोई बात नहीं,
पर अगर ये दिलों का बंधन है तो मै किसी और की हूँ 


तारीख: 15.10.2017                                    चित्रांशी (आस्था श्रीवास्तव)









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