जिंदगी की हॉट सीट


'कौन जिएगा जिंदगी!' में एक की प्रश्नावली दूसरे से  कभी नहीं मिलती !

जब भी सामने आता है सबसे कठिन प्रश्न , बस तभी कोई लाइफलाइन नहीं मिलती !

 

कभी पहला ही प्रश्न कठिन और कभी आखिर तक बस कोरी तुकबंदी ही चलती !

करोड़पति कब हो जाए खाक , इसका अंदाजा लगाने की कभी कोई सूरत नहीं निकलती !

 

फोन ए फ्रैंड जब करो तो फ्रैंड की आवाज़ ही हमें तब अपनी सी नहीं लगती !

और फ्लिप द क्वेश्चन में भी हर बार मनपसंद प्रश्न की कैटेगरी नहीं मिलती !

 

कभी मुश्किल प्रश्न की भी मिल जाती  थाह , और अक्सर आसान  प्रश्न पर जनता की राय भी गलत ही है निकलती !

खेल खिलाने वाला कोई हिंट भी नहीं देता, पता तब चलता है जब जिंदगी हाथ से है फिसलती !

 

ये खेल है जीवन का जहां , हर किसी को अगले ही पल की खबर नहीं मिलती !

लेकिन हार हो या हो जीत फिर भी भाग्यवान है वो जिसे इस जिंदगी की 'हाट सीट' पर खुशियां भरपूर हैं मिलती !
 


तारीख: 07.04.2020                                                        सुजाता






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