कृष्ण मिल ही जाएंगे।।

कृष्ण-कृष्ण गाएँगे तो, कृष्ण नहीं आएँगे।
गाएँगे जो राधा-राधा, कृष्ण मिल ही जाएँगे।।

कृष्ण को जो पाना है तो, मंदिरों में न ढूँढ़िए।
मन से, हृदय से ज़रा, मैल को हटाइए।।

ऊँचे-नीचे, भेदभाव, द्वेष को भगाइए।
प्रेम में बसे हैं कृष्ण, कृष्ण को जगाइए।।

दीनन की कीजे सेवा, गाय को बचाइए।
फिर भी मिलें न कृष्ण, धाम वृंदावन जाइए।।


तारीख: 18.06.2025                                    महेश शर्मा




रचना शेयर करिये :




नीचे कमेंट करके रचनाकर को प्रोत्साहित कीजिये, आपका प्रोत्साहन ही लेखक की असली सफलता है