पुतला जलाने से क्या फायदा

जब बुराई हमारे ही अंतर में है,
तो दशहरा मनाने का क्या फ़ायदा?
जब हर घर में बैठे हों रावण कई,
तो फिर पुतला जलाने से क्या फ़ायदा?

मैं कहता नहीं हूँ कि रावण महान था,
पर यह भी तो सच है कि रावण विद्वान था।
रच दिया शिव तांडव स्तोत्र महान,
था परम ज्ञानी, कालज्ञ, और भक्त महान।

किया तप भयंकर तो शिव को आना ही पड़ा,
रावण को वरदान उन्हें देना ही पड़ा।
कर दिया था विवश उसने श्रीहरि को,
कि विष्णु को राम का रूप धरना पड़ा।

एक तरफ़ धर्म था, एक तरफ़ था अधर्म,
था शिव का भक्त वो, शिवभक्त राम भी थे।
हरण जब किया जानकी का तो वो,
जानता था कि अब राम ख़ुद आएँगे।
काल बन कर वो, मेरे वंश को तारेंगे,
फिर मुझे मोक्ष देकर, माँ को ले जाएँगे।

राम ने जब अंत किया रावण का तो,
नाम हमने उसे 'विजयादशमी' दिया।
रावण की बुराई तो सबको पता है,
फिर अपनी बुराई का क्यों नहीं पता?
अपने अंदर भी तो एक रावण छिपा है,
और राम भी तो छिपे सबके अंतर में हैं।

जब हर एक घर में बैठे हों रावण कई,
तो फिर पुतला जलाने से क्या फ़ायदा?


तारीख: 11.06.2025                                    महेश शर्मा




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