हार में निराश न हो

हार में निराश न हो 
जीत में उल्लास न हो 
छाता वही है नभमंडल में 
जिसके हताशा पास न हो ।
तू कर यकीं और सीखता चल
चाहे कोई साथ न हो 
हार जाते वो जगत में 
 ख़ुद में जब विश्वास न हो ।
   
धैर्य  ना खो , आस रख तू
ख़ुद में ही विश्वास रख तू
संघर्ष पथ में साथ जो दे
बस उन्हीं को पास रख तू ।
वो जवानी क्या जवानी
गर खून में उबाल न हो 
कौन डरेगा उस सागर से 
 गर गर्भ में भूचाल न हो ।

पर्वतों को चीर के तू 
रास्ता आर पार कर दे
मनु की संतान है तू
तैर समुद्र पार कर दे ।
नाकामी से ना घबरा 
संघर्ष कर तू , सर उठा
तुझ में वो ताकत है जो 
पत्थर को करतार कर दे ।


तारीख: 06.04.2020                                                        देवकरण






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