थक जाना तेरा काम नहीं

ऐ बंदे तू नादान नहीं,
झुक जाना तेरी शान नहीं,
बढ़ता जा अपने लक्ष्य पर,
थक जाना तेरा काम नहीं,

तू कर्तव्यों का पालन कर,
वकतव्य तेरा काम नहीं,
जीवन ख़ुद है एक कुरुक्षेत्र,
कहीं और तेरा कोई काम नहीं,

अपने और गैरो दोनों की,
सेवा करना आसान नहीं,
मन में है सबके कोतोहल,
मन को तनिक आराम नहीं,

कितनी है पीड़ा कितना दुःख,
गिनना इनको तेरा काम नहीं,
तू सत्य के पथ पर चलता जा,
तू इंसान है भगवान नहीं,

हर युग में उसकी माया है,
उस जैसा कोई नाम नहीं,
सब उसके हैं वो सबका है,
भगवान है वो इन्सान नहीं।


तारीख: 06.04.2020                                                        कमाल खाँन






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