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शहर में एक पुस्तक मेले में घूमते हुए मेरी नज़र एक अनाम लेखक के स्टॉल पर पड़ी। स्टॉल पर केवल एक किताब थी – ‘12th Fail’। लेखक ने मुस्कुराते हुए किताब की आत्मा बताई – यह उन सभी छात्रों के लिए है जिन्होंने कभी असफलता को महसूस किया। मैंने किताब खरीदी और जब कुछ वर्षों बाद इस किताब पर आधारित फिल्म देखी, तब यह पता लगा कि साधारण से दिखने वाले शब्द पर्दे पर कितने जीवंत हो सकते हैं।
विदु विनोद चोपड़ा द्वारा निर्देशित 12th Fail ग्रामीण मध्य प्रदेश के एक किशोर मनोज कुमार शर्मा की कहानी है, जिसकी दुनिया गरीबी और भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था के बीच सिमटी हुई है। स्कूल की परीक्षा में नकल के सिंडिकेट का हिस्सा बने मनोज की दुनिया तब बदलती है जब कड़क लेकिन ईमानदार डीएसपी दुष्यंत सिंह उसे चोरी करने से रोकते हैं। वह समझ जाता है कि सच्चाई और मेहनत ही सफलता का आधार हैं। अपनी 12वीं परीक्षा में असफल होने के बाद मनोज फिर से पढ़ाई शुरू करता है। पारिवारिक आर्थिक तंगी के बीच झाड़ू लगाने और दैनिक मजदूरी करने जैसी नौकरियों से वह अपने सपने ज़िंदा रखता है और लगातार प्रयास करता है।
वह ग्वालियर पहुंचता है जहां स्टूडेंट क्लर्क गौरव और दोस्त प्रीतम पांडे मिलते हैं, जो उसके UPSC परीक्षा के सफर में साथ निभाते हैं। दिल्ली में एक किराए के कमरे में रहने वाला मनोज रात-दिन मेहनत करता है, कभी लाइब्रेरी में पढ़ता है, कभी दोस्तों से नोट्स लेता है। इसी दौरान उसकी मुलाकात उत्तराखंड से आई कैंडिडेट श्रद्दा जोशी से होती है, जिसकी अपनी चुनौतियां हैं – परिवार की जिम्मेदारियां, पहाड़ के गांव से शहर का संघर्ष, और सिविल सर्विस में अपनी जगह बनाने की जिद। दोनों के बीच दोस्ती बढ़ती है और प्यार का एहसास होता है, पर उनका ध्यान अपने लक्ष्य से नहीं हटता।
फिल्म का दूसरा भाग UPSC मुख्य परीक्षा, इंटरव्यू, और मानसिक उतार-चढ़ाव की कहानी है। मनोज कई बार असफल होता है पर हौसला नहीं छोड़ता। जब वह फाइनल लिस्ट में जगह बनाता है और आईपीएस अधिकारी बनता है, तो यह सिर्फ एक व्यक्ति की जीत नहीं होती, बल्कि उन लाखों युवाओं की जीत है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। श्रद्दा भी आखिरकार डिप्टी कलेक्टर बन जाती है, दोनों अपने रिश्ते को अपनाते हैं और समाज में बदलाव लाने के लिए आगे बढ़ते हैं।
विदु विनोद चोपड़ा ने इस सत्य घटना पर आधारित कहानी को बेहद यथार्थवादी शैली में प्रस्तुत किया है। उन्होंने वास्तविक UPSC अभ्यर्थियों को फिल्म में छोटे‑मोटे किरदार देकर स्क्रीन पर प्रामाणिकता लाई। विक्रांत मैसी ने मनोज कुमार शर्मा के किरदार को इतना आत्मसात किया कि उनकी बॉडी लैंग्वेज, उनके संघर्ष का दर्द, और आंखों में झलकती उम्मीद दर्शकों को सच का एहसास कराती है। मेडहा शंकर ने श्रद्दा जोशी के किरदार में दृढ़ता और संवेदनशीलता दोनों का समन्वय दिखाया। अनंत जोशी, अंशुमान पुष्कर और प्रियांशु चटर्जी ने मनोज के दोस्तों का सहज अभिनय किया और फिल्म में हास्य के क्षणों को संतुलित रखा।

शांतनु मोइत्रा द्वारा रचित संगीत साधारण लेकिन प्रेरणादायक है। फिल्म का शीर्षक गीत ‘Restart’ हालातों से हार न मानने का संदेश देता है, जबकि सूफियाना स्पर्श वाले गाने परिस्थितियों का भावनात्मक पक्ष उभारते हैं। पृष्ठभूमि संगीत परीक्षा के तनाव, परिवार की चिंता और प्रेम के कोमल क्षणों को प्रभावी बनाता है। दीप्ति नायर की सिनेमैटोग्राफी छोटे शहरों के सहज जीवन, कोचिंग सेंटरों की भीड़, और दिल्ली के लाइब्रेरी कमरों में पसीना बहाते छात्रों की वास्तविकता को चित्रित करती है।
12th Fail शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, नकल माफिया, और आर्थिक विषमता पर तीखा प्रहार करती है। फिल्म दिखाती है कि कैसे सरकारी अधिकारी भी इस सिस्टम में लिप्त हैं, लेकिन कुछ ईमानदार लोग बदलाव की मशाल बने रहते हैं। मनोज का संघर्ष उस युवा पीढ़ी को प्रेरित करता है जो संसाधनों की कमी से हार मानने को मजबूर है। यह फिल्म यह भी बताती है कि पारिवारिक समर्थन, दोस्ती और सही गाइडेंस किसी भी परीक्षा से बड़ी होती है।
फ़िल्म को 2024 के 69वें फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड्स में सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और विक्रांत मैसी के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (आलोचकों की श्रेणी) सहित कई पुरस्कार मिले। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने लगभग 69 करोड़ रुपये कमाए, जो कंटेंट-ड्रिवेन फिल्मों के लिए उल्लेखनीय आंकड़ा है।
फिल्म की कहानी अनुराग पाठक की किताब से ली गई है, जो वास्तविक आईपीएस अधिकारी मनोज कुमार शर्मा और आईआरएस अधिकारी श्रद्दा जोशी के जीवन पर आधारित है। विदु विनोद चोपड़ा ने कहानी की तैयारी के दौरान कई वास्तविक UPSC अभ्यर्थियों से मुलाकात की ताकि उनके संघर्षों को समझा जा सके। कहानी की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कुछ सीन्स दिल्ली की वास्तविक कोचिंग लाइब्रेरी में शूट किए गए, जहां खुद पढ़ने वाले छात्रों ने भी कैमियो किया।