ऊंचाई

दोस्ती, उम्र and सपनों की ऊँचाई

 

मैंने अपने दादा‑दादी को हमेशा कहते सुना कि सपने देखने की कोई उम्र नहीं होती। 70 वर्ष की उम्र में भी वे यात्राएं करते थे, नई किताबें पढ़ते थे and कभी‑कभी रेस्तरां में पहली बार कोई नई डिश ट्राय करते थे। ऐसी ही अवधारणा ले कर Sooraj Barjatya की film Uunchai आती है – उम्रदराज दोस्तों की कहानी, जो अपने दोस्त की अंतिम इच्छा पूरा करने के लिए हिमालय की यात्रा पर निकलते हैं।

 

कहानी and विषयवस्तु


film की कहानी चार मित्रों – अमित, ओम, जावेद and भूपेन – पर आधारित है। भूपेन, एक नेपाली मूल का बुजुर्ग, हमेशा हिमालय के बारे में कहानियां सुनाता है and कहता है कि जीवन में सबसे बड़ा अफसोस यही है कि उसने अपने दोस्तों के साथ कभी माउंट एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक नहीं किया। एक दिन भूपेन अचानक दिल का दौरा पड़ने से दुनिया से चला जाता है। उसकी मौत से दुखी तीनों दोस्तों को उसकी डायरी मिलती है, जिसमें उसकी अंतिम इच्छा – ‘मेरे राख को एवरेस्ट बेस कैंप पर विसर्जित करना’ – लिखी होती है। अमित, एक जाने-माने लेखक, निर्णय करते हैं कि वे भूपेन का सपना पूरा करेंगे।


उनके साथ भूपेन की पुरानी प्रेमिका माला भी शामिल होती है, जो हिमालय से जुड़ी हुई है। ओम, जो हमेशा अपने परिवार की जिम्मेदारियों से घिरा रहता है, and जावेद, जो मधुमेह and पत्नी की चिंता से परेशान रहता है, अपने स्वास्थ्य and उम्र के बावजूद साहस दिखाते हैं। चारों अपनी कमजोरियों, बीमारियों and डर को पीछे छोड़कर एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचने का सफर शुरू करते हैं। रास्ते में उन्हें अपने अतीत की गलतियों, रिश्तों में पड़े दरारों and जीवन की अनिश्चितताओं से सामना करना पड़ता है।


film का दूसरा भाग ट्रेक पर होने वाली घटनाओं से भरा है – ऑक्सीजन की कमी, बर्फीले तूफान, and साथी ट्रेकर्स के साथ दोस्ती। अमित अपने अहंकार and सेल्फिश व्यवहार का सामना करता है, ओम अपनी पत्नी से जुड़ी गहरी बातें साझा करता है, and जावेद पहली बार अपनी पत्नी से बिना बताए कहीं जाने का साहस दिखाता है। माला and अमित के बीच पुरानी बातें सामने आती हैं; पता चलता है कि माला कभी भूपेन से शादी करना चाहती थी, लेकिन समाज के डर से नहीं कर सकी। अंततः, वे एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचते हैं and भूपेन की राख को हिमालय की हवाओं में विसर्जित करते हैं।

 

निर्देशन and अभिनय


Sooraj Barjatya, जो पारिवारिक मूल्यों and संयुक्त परिवार की कहानियों के लिए जाने जाते हैं, यहां पहली बार उम्रदराज मित्रता and साहस पर केंद्रित कहानी लेकर आए। उन्होंने ट्रेकिंग सीक्वेंस को वास्तविक पर्वतारोहण टीमों के साथ शूट किया ताकि कठिन परिस्थितियों का सही चित्रण हो सके। अमिताभ बच्चन, अनुपम खेर, बोमन ईरानी and डैनी डेंगजोपpa जैसे दिग्गजों ने अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल किया। अमिताभ ने एक स्वार्थी लेखक से समर्पित दोस्त बनने की यात्रा बखूबी निभाई। अनupam खेर ने ओम के किरदार में अपनी सहज कॉमिक टाइमिंग and भावुकता को जोड़ा। बोमन ईरानी का चरित्र पहली बार अपने लिए कुछ कर रहा है, जिसे उन्होंने खूबसूरती से दिखाया। नीना गुप्ता ने जावेद की पत्नी के रूप में थोड़ा सा screen time में ही अपने किरदार में मजबूती and हास्य दोनों प्रस्तुत किए।

संगीत and तकनीकी पक्ष


film का संगीत अमित त्रिवेदी ने तैयार किया है, जिसमें प्रेरणादायक गीत ‘कितनी खूबसूरत ये दोस्ती’ and ‘अरमानों के पंख’ जैसे गाने हैं। सिनेमैटोग्राफर मनोज कुमार खाटी ने नेपाल की पहाड़ियों, एवरेस्ट रेंज, and बर्फीले रास्तों को बड़े कैनवास पर कैद किया। क्लाइम्बिंग सीन में ड्रोन शॉट्स and क्लोज‑अप कैमरा एंगल्स से भय and रोमांच दोनों महसूस होते हैं।

 

सामाजिक प्रासंगिकता


Uunchai एक संदेश देती है कि जिंदगी के अंतिम पड़ाव में भी नई शुरुआत की जा सकती है। film बुजुर्गों के सपनों and उनके आत्मसम्मान को सम्मान देने का आह्वान करती है। यह भी दर्शाती है कि दोस्ती केवल युवाओं की नहीं, बल्कि उम्रदराज लोगों की भी उतनी ही मजबूत हो सकती है। film में दिखाया गया है कि परिवार के सदस्य अक्सर अपने बुजुर्गों की इच्छाओं को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन वही बुजुर्ग अपने अंदर साहस and जीवटता लिए रहते हैं।

 

पुरस्कार and उपलब्धियाँ


70वें राष्ट्रीय film पुरस्कारों में Uunchai ने सर्वश्रेष्ठ निर्देशन (Sooraj Barjatya) and सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री (नीना गुप्ता) के पुरस्कार प्राप्त किए। film ने बुजुर्ग दर्शकों से लेकर युवाओं तक सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त की and एक बार फिर सिद्ध किया कि कंटेंट आधारित फिल्मों का उम्र से कोई संबंध नहीं होता।

 

रोचक तथ्य


निर्द director Sooraj Barjatya ने बताया कि उन्होंने अपने पिता – राजश्री प्रोडक्शन के संस्थापक – से प्रेरणा लेकर यह कहानी लिखी, क्योंकि वे हमेशा कहते थे कि ऊंचाइयां केवल पहाड़ों में नहीं, सपनों में भी होती हैं। film की ज्यादातर शूटिंग नेपाल में हुई, जहां टीम को वास्तविक ट्रेकिंग कंडीशन्स का सामना करना पड़ा; शूटिंग के दौरान कलाकारों and क्रू ने सचमुच ऊंचाई का असर महसूस किया and ऑक्सीजन सिलेंडर का उपयोग किया।


तारीख: 07.08.2025                                    Filmy Romeo




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