
सूरज की पहली किरण आई,
चुपके से जीवन में मुस्कान लाई।
हर कोना जगमग करने लगा,
नया सवेरा फिर खिलने लगा।
चिड़ियों ने गाया मधुर गीत,
हर शाख़ ने ओढ़ा नव प्रीत।
हवा में था एक सुकून सा,
प्रकृति बनी कोई धुन सा।
धरती पर हर रंग बिखरा,
हर बूंद ने मोती सा झिलमिलाया।
चलो आज कुछ नया करें,
सपनों को फिर से सजा करें।
छोटे कदम, बड़े इरादे,
मन में हों सच्चे वादे।
हर दिन को पर्व बना लें,
हर पल को गीत बना लें।