मायका

मायके को छोड़कर ससुराल आ गई ।

पर बहन ने मेरी भी चाय बनाई है ।।

वह भूल गई मैं नहीं हूं अब वहांँ पर।

वहांँ तो अब मेरी रह गई परछाई है।।

मां भी नाम अब भूल गई बहन का ।

अभी मेरा नाम लेकर ही पुकार रही है।।

मायके का प्यार कुछ ऐसा ही होता है ।

फिर भी लोग कहते हैं बेटी पराई है।।

ऐसा नहीं है कि प्यार ससुराल में नहीं मिलता ।

पर मायके के प्यार की अलग ही सच्चाई है।।

बिना बोले ही सब मिल जाता है वहां पर ।

मांगने की कोई वजह ही नहीं पाई है।।

मायके की कमी उसे हमेशा ही रहेगी ।

जो बेटी ब्याह करके ससुराल आई है।।✍️❤️


तारीख: 04.07.2026                                    निधी खत्री




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