परीक्षा

परीक्षा देनी ही होगी सिया और राम ने भी दी थी,

हम अपने लिए देते हैं उन्होंने अपनों की जुबान के लिए दी थी।।

 

मात-पिता की खातिर वन गमन किया था,

मानव कल्याण के लिए भगवान ने मानव जन्म लिया था,

उनके लिए भी परीक्षा आसान नहीं थी।

परीक्षा देनी ही होगी सिया और राम ने भी दी थी।।

 

डरना परीक्षा से नहीं परिणाम से होगा,

तभी हर काम सही होगा नाम सिया और राम सा होगा ,

अच्छे परिणाम के लिए परीक्षा आसान नहीं होगी ,

मेहनत करने पर कभी नाकाम नहीं होगी ।

परीक्षा देनी ही होगी सिया और राम ने भी दी थी।।

 

अपने को छोड़कर अपनों को अपनाया था,

मातृ पितृ भ्रात मित्र धर्म निभाया था ,

सीता जी भी सभा में बदनाम हुई थीं।

परीक्षा देनी होगी सिया और राम ने भी दी थी।।

 

माता सीता ने भी राजधर्म निभाया था ,

अग्नि परीक्षा देकर अपना कलंक मिटाया था ,

फिर भी सिया की जिंदगी आसान नहीं थी ।

परीक्षा देनी होगी सिया और राम ने भी दी थी । ।

 

लव कुश ने भी जन्म वन में ही लिया था,

राजा के बालकों ने भी तो कष्ट सहा था,

धर्म ज्ञान के लिए वाल्मीकि जी ने रामायण लिखी थी ।

परीक्षा देनी ही होगी सिया और राम ने भी दी थी।।


तारीख: 14.05.2025                                    निधी खत्री




रचना शेयर करिये :




नीचे कमेंट करके रचनाकर को प्रोत्साहित कीजिये, आपका प्रोत्साहन ही लेखक की असली सफलता है