भूख

हमने तो केवल नाम सुना है

हम ने कभी नहीं देखी भूख,

जो चाहा खाया, फिर फैंका

हम क्या जानें, है क्या भूख।

पिता के पास पैसे थे बहुत

अपने पास ना भटकी भूख,

झुग्गी बस्ती, सड़क किनारे

तंग गलियों में अटकी भूख।

पढ़ ली परिभाषा पुस्तक में

कि इतने पैसों से नीचे भूख,

खाल से बाहर झांके हड्डियां

रोज सैकड़ों आंखे मिचे भूख।

बच्चों में बचा है अस्थि पंजर

इनका मांस भी खा गई भूख,

हमको क्या, हम तो जिंदा हैं

भूख में भूख को खा गई भूख।


तारीख: 18.04.2020                                                        देवकरण






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